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Poem on Periods (Menstruation) in Hindi By Paakhi

Poem on Periods in Hindi | आज फिर महीना आया है By Paakhi  अलग था, अलग लिए बिस्तर, अलग सबसे बिठा-या है…..2X मां ने आज उसको सबको बीमार बताया है।। मंदिर में भी जाना उसका कुछ दिन निषेध करवाया है।   सुनो सुनो सुनो…. 2X आज फिर महीना आया है।।  Read more…

तू खुद की खोज में निकल Inspirational Poem By Amitabh Bachchan

Tu Khud Ki Khoj Me Nikal Poem in Hindi तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश है? ..2X, तू चल तेरे वजूद की, समय को भी तलाश है। ….2X जो तुझ से लिपटी बेड़ियाँ, समझ न इन को वस्त्र तू ….2 X ये बेड़ियां पिघाल के , बना Read more…